
“बेटी को न्याय की जगह नोटिस!” — बरगी चौकी प्रभारी पर संगठन को डराने का आरोप
बरगी क्षेत्र में नाबालिग अनुसूचित जाति की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म प्रयास के गंभीर मामले में नया मोड़ सामने आया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय बरगी चौकी प्रभारी द्वारा संगठन को डराने–धमकाने के उद्देश्य से लीगल नोटिस भेजा गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी पीड़िता के धारा 164 के बयान न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष पवन सिंह देवक ने संयुक्त रूप से कानूनी जवाब देते हुए ₹10 करोड़ का मानहानि दावा ठोक दिया है।
इस दावे की प्रतिलिपि उच्च न्यायालय, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक संस्थानों को भेजी गई है।






